AT CASHIER`S WINDOW counting cash collecting stories

जब कुछ खास नहीं हुआ…

5 min · 22. mar. 2026
episode जब कुछ खास नहीं हुआ… cover

Beskrivelse

कभी-कभी सबसे खास दिन वही होता है… जब कुछ खास नहीं होता। आज कोई बड़ी घटना नहीं हुई… लेकिन आज फिर समझ आया— कि ये काउंटर सिर्फ लेन-देन की जगह नहीं है। यहाँ रोज़… थोड़ी-थोड़ी ज़िंदगी गुजरती है।

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26 episoder

episode “एक कविता… और मेरा सफर” cover

“एक कविता… और मेरा सफर”

आज का एपिसोड थोड़ा खास है… क्योंकि आज सिर्फ एक कहानी नहीं… बल्कि एक पूरा सफर है। “कभी-कभी एक छोटी-सी कविता… पूरी जिंदगी का हौसला बन जाती है।” इस करोड़ों के संसार में… अगर आप किसी एक के लिए भी मायने रखते हैं… तो आप कभी खोते नहीं हैं… लेकिन हर सफर को… एक ठहराव भी चाहिए। तो आज… इस episode के साथ… हम इस season को यहीं विराम देते हैं। लेकिन कहानियाँ खत्म नहीं हुई हैं… वो तो बस… थोड़ी देर के लिए ठहरी हैं।

22. mar. 20266 min
episode : “धोखे का दाग, इंसानियत का रंग” cover

: “धोखे का दाग, इंसानियत का रंग”

होली का त्योहार , बाज़ार में रंग, पिचकारियाँ, मिठाइयों की खुशबू… हर तरफ हलचल थी। लेकिन बैंक के अंदर— रंग नहीं, सिर्फ जिम्मेदारियाँ होती हैं। पिछले साल, होली से एक दिन पहले, मेरे काउंटर पर एक छोटा सा डिब्बा रखा गया था— घर की बनी गुजिया का। पर वो सिर्फ मिठाई नहीं थी… वो कृतज्ञता थी। वो विश्वास था। वो एक चुपचाप कही गई “धन्यवाद” थी।

5. mar. 20267 min