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22 Aaradhana: Vivaah ~ Dampatti (आराधना एपिसोड 22: विवाह ~ दंपत्ति)

12 min · 15. syys 2021
jakson 22 Aaradhana: Vivaah ~ Dampatti (आराधना एपिसोड 22: विवाह ~ दंपत्ति) kansikuva

Kuvaus

चित्त की गति से होता है पुनर्मिलन। परिवार की पूर्ण सहमति से किए गए ब्रह्म विवाह से संपन्न विवाह में प्रेम, विश्वास, समर्पण, अपनत्व, सम्मान और रिश्तों की अहमियत को समझा जाता है। जब ऐसे संस्कारी पति और पत्नी का चित्त एक-दूसरे के लिए गति करता है और वे एक-दूसरे के प्रति प्रेम, अनुराग और आसक्ति से भर जाते हैं तब उनका इस जन्म में तो क्या, अगले जन्म में भी अलग होना संभव नहीं होता। चित्त की वह गति ही उन्हें पुन: एक कर देती है।  🌸🌸 विवाह में पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध से अधिक आत्मिक संबंध को महत्व दिया जाता है और ये संबंध धार्मिक रीति से किए गए विवाह और उस विवाह के वचन और फेरों को ध्यान में रखने तथा विश्वास को हासिल करने से कायम होते हैं। जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में बचपन में धर्म, अध्यात्म और दर्शन का अध्ययन नहीं किया है उसके लिए विवाह एक संस्कार मात्र ही होता है। हिन्दू धर्म में विवाह एक अनुबंध या समझौता नहीं है, बल्कि यह भली-भांति सोच-समझकर ज्योतिषीय आधार पर प्रारब्ध और वर्तमान को जानकर तय किया गया एक आत्मिक रिश्ता होता है। 🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃 reachout2aditi@gmail.com 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 #anchor #podcast #spotify #love #host #googlepodcasts #pocketcasts #podcaster #hindipodcast #devotionalpodcast #spiritualpidcast #spirituality #spiritual #aditi_pinkcity

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jakson 22 Aaradhana: Vivaah ~ Dampatti (आराधना एपिसोड 22: विवाह ~ दंपत्ति) kansikuva

22 Aaradhana: Vivaah ~ Dampatti (आराधना एपिसोड 22: विवाह ~ दंपत्ति)

चित्त की गति से होता है पुनर्मिलन। परिवार की पूर्ण सहमति से किए गए ब्रह्म विवाह से संपन्न विवाह में प्रेम, विश्वास, समर्पण, अपनत्व, सम्मान और रिश्तों की अहमियत को समझा जाता है। जब ऐसे संस्कारी पति और पत्नी का चित्त एक-दूसरे के लिए गति करता है और वे एक-दूसरे के प्रति प्रेम, अनुराग और आसक्ति से भर जाते हैं तब उनका इस जन्म में तो क्या, अगले जन्म में भी अलग होना संभव नहीं होता। चित्त की वह गति ही उन्हें पुन: एक कर देती है।  🌸🌸 विवाह में पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध से अधिक आत्मिक संबंध को महत्व दिया जाता है और ये संबंध धार्मिक रीति से किए गए विवाह और उस विवाह के वचन और फेरों को ध्यान में रखने तथा विश्वास को हासिल करने से कायम होते हैं। जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में बचपन में धर्म, अध्यात्म और दर्शन का अध्ययन नहीं किया है उसके लिए विवाह एक संस्कार मात्र ही होता है। हिन्दू धर्म में विवाह एक अनुबंध या समझौता नहीं है, बल्कि यह भली-भांति सोच-समझकर ज्योतिषीय आधार पर प्रारब्ध और वर्तमान को जानकर तय किया गया एक आत्मिक रिश्ता होता है। 🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃 reachout2aditi@gmail.com 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 #anchor #podcast #spotify #love #host #googlepodcasts #pocketcasts #podcaster #hindipodcast #devotionalpodcast #spiritualpidcast #spirituality #spiritual #aditi_pinkcity

15. syys 202112 min
jakson 20 Aaradhana: Vivaah Aur Dahej (एपिसोड बीस : विवाह और दहेज) kansikuva

20 Aaradhana: Vivaah Aur Dahej (एपिसोड बीस : विवाह और दहेज)

भारतीय परिदृश्य में वैवाहिक संबंध में बंधने के बाद महिला और पुरुष एक दूसरे से पूरी तरह जुड़ जाते हैं। उनका जीवन व्यक्तिगत ना रहकर परस्पर सहयोग की भावना पर आधारित हो जाता है। पति-पत्नी बन जाने के बाद उनके भीतर परस्पर आकर्षण तो विकसित होता ही है, लेकिन एक-दूसरे के प्रति पूर्ण समर्पण इससे भी ज्यादा अहमियत रखता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार विवाह एक बेहद धार्मिक और पवित्र संबंध माना जाता है। जिसका अनुसरण पारिवारिक रीति-रिवाजों के द्वारा किया जाता है। मुख्य तौर पर वैवाहिक संबंध वंश को बढ़ाने के लिए जोड़े जाते हैं लेकिन इनका निर्वाह करना महिला और पुरुष के लिए उनका धर्म बन जाता है। वे दोनों परिवार के बड़ों के आशीर्वाद के साथ अपने नए जीवन की शुरूआत करते हैं। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी अपने परिवार और एक दूसरे की खुशियों का ध्यान रखते हैं और पारिवारिक संबंध को पूरी तन्मयता के साथ निभाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जब विवाह में दहेज प्रथा की शुरूआत की गई तब से लेकर अब तक इस प्रथा के स्वरूप में कई नकारात्मक परिवर्तन देखे जा सकते हैं। इतिहास के पन्नों पर नज़र डालें तो यह प्रमाणित होता है कि दहेज का जो रूप आज हम देखते हैं ऐसा पहले नहीं था। उत्तरवैदिक काल में प्रांरभ हुई यह परंपरा आज अपने घृणित रूप में हमारे सामने खड़ी है। 🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸🍃🌸 reachout2aditi@gmail.com ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ aditi_pinkcity on Instagram, FB, Twitter, Koo, MX Takatak, Chingari

31. elo 202112 min
jakson 19 Aaradhana: Karm Part 02 kansikuva

19 Aaradhana: Karm Part 02

Karma simply means action. Every action has consequences. Conscious choice-making is the most effective way of creating future consequences of karma. Karma creates the future, but it is also an echo from the past. Karma conditions our soul through memory, desire and imagination. Most people are prisoners of karma, because it becomes a conditioned reflex and produces predictable outcomes in their lives. It is equivalent to Newton’s law of ‘every action must have a reaction’. When we think, speak or act we initiate a force that will react accordingly. This returning force maybe modified, changed. Time and Karma A person may not escape the consequences of his actions, but he will suffer only if he himself has made the conditions ripe for his suffering. Ignorance of the law is no excuse whether the laws are man-made or universal. The Law of Karma is infallible and everyone invariably is subjected to it. Sometimes we are oblivious to the fact that most of our lifetime is spent in undergoing destiny which is created by our karmas or deeds in our past births.  🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 reachout2aditi@gmail.com 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼 aditi_pinkcity | Instagram | FB | Twitter | Koo

24. elo 202112 min