भजन - कीर्तन - आरती

ऐसो को उदार जग माहीं - उमा

1 h 0 min · 2. kesä 2022
jakson ऐसो को उदार जग माहीं - उमा kansikuva

Kuvaus

ऐसो को उदार जग माहीं । बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर, राम सरस कोउ नाहीं ॥ जो गति जोग बिराग जतन करि, नहिं पावत मुनि ज्ञानी । सो गति देत गीध सबरी कहँ, प्रभु न बहुत जिय जानी ॥ जो संपति दस सीस अरप करि, रावण सिव पहँ लीन्हीं । सो संपदा विभीषण कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं ॥ तुलसीदास सब भांति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो । तो भजु राम, काम सब पूरन करहि कृपानिधि तेरो ॥ Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here. [https://archive.org/download/Bhajans-Uma/%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%8B%20%E0%A4%95%E0%A5%8B%20%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%9C%E0%A4%97%20%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E2%80%94%20%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE.m4a]

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75 jaksot

jakson भोला की भजन शाला - 1 kansikuva

भोला की भजन शाला - 1

यू ट्यूब के "भोला कृष्णा चेनल " में उपलब्ध - [https://www.youtube.com/@bholakrishna] व्ही. एन . श्रीवास्तव "भोला" [https://www.blogger.com/profile/02397604308408596994] द्वारा गाये भजन [https://www.youtube.com/@bholakrishna/videos] निःशुल्क सीखिये और जी भर के गाइए, सीखने के साथ साथ अपने इष्ट को रिझाइये, मन वांछित फल पाइये इन में से अनेक भजनों के लिखने और गाने की प्रेरणा पारम्परिक रचनाओं से मिली है, पुरातन उन सभी अज्ञेय रचनाकारों एवं संगीतज्ञों का गुरुत्व शिरोधार्य है ! 1. अंजनी सुत हे पवन दुलारे , हनुमत लाल राम के प्यारे !! [https://www.youtube.com/watch?v=Q4ZSw2at1Ng] शब्द स्वर = भोला  2. अब तुम कब सुमिरोगे राम जिवडा दो दिन को मेहमान !! [http://sanskritdocuments.org/hindi/audio/bhola/Ab%20tum%20kab%20simroge%20Ram.mp3] पारंपरिक - एमपी3 3. गुरु की कृपा दृष्टि हो जिसपर !! शब्द स्वर = भोला  4. गुरु चरनन में ध्यान लगाऊँ !! [https://www.youtube.com/watch?v=PfF3x7kVJas] प्रेरणा स्रोत - पंडित जसराज  5. गुरु बिन कौन सम्हारे !! [https://www.youtube.com/watch?v=67kHQZZB_xs] शब्द स्वर = भोला  6. जय शिव शंकर औगढ़ दानी, विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी !! [https://www.youtube.com/watch?v=meclUBvlyTc] शब्द स्वर = भोला  7. तुझसे हमने दिल है लगाया !! [https://www.youtube.com/watch?v=gcsxWqRhLh0] शब्द स्वर = भोला  8. तेरे चरणों में प्यारे अय पिता !! [https://www.youtube.com/watch?v=jjd67BJ9X64]प्रेरणा - राधास्वामी सत्संग - स्वर = भोला  9. दाता राम दिए ही जाता, भिक्षुक मन पर नहीं अघाता !! [https://www.youtube.com/watch?v=SPR7WP8oS6I] शब्द स्वर = भोला  10. पायो निधि राम नाम !! [https://www.youtube.com/watch?v=mwcscZPHpMA] शब्द स्वर - व्ही के मेहरोत्रा तथा भोला  11. बिरज में धूम मचायो कान्हा !! [https://www.youtube.com/watch?v=-cxyMQnj1jo] होली !! = स्वर भोला  12. रहे जनम जनम तेरा ध्यान यही वर दो मेरे राम !! [https://www.youtube.com/watch?v=RH_kXrwq9-c] प्रेरणा पारम्परिक - शब्द-स्वर = भोला  13. राम बोलो राम !! [https://www.youtube.com/watch?v=VKhk7OmKOks] शब्द स्वर = भोला  14. राम राम काहे ना बोले !! [https://www.youtube.com/watch?v=BwJppCmYi3U] प्रेरणा - मिश्र बन्धु - संशोधित शब्द एवं स्वर = भोला  15. राम राम बोलो !! [ https://archive.org/details/ShriRamGeetGunjan-Bhajans/ram-ram-bolo.mp3]शब्द स्वर = भोला - एमपी3 16. राम हि राम बस राम हि राम, और नाही काहू सों काम !! [https://www.youtube.com/watch?v=qS9bpU2net4] शब्द स्वर = भोला  17. रोम रोम में रमा हुआ है मेरा राम रमैया तू !! [https://www.youtube.com/watch?v=MHd8wwCwULw] शब्द स्वर = भोला  18. शंकर शिव शम्भु साधु संतन सुखकारी !! [https://www.youtube.com/watch?v=KzoJ7isIxfs] शब्द स्वर = भोला  19. श्याम आये नैनों में बन गयी मैं सांवरी !! [https://www.youtube.com/watch?v=uagW7djlQ6g]प्रेरणा - आकाशवाणी = स्वर - भोला  20. हारिये न हिम्मत बिसारिये न राम !! [https://www.youtube.com/watch?v=RU_3hvYkabM] पारंपरिक - स्वर = भोला  ============================= महावीर बिनवउँ हनुमाना [https://mahavir-binavau-hanumana.blogspot.com/] से साभार उद्धृत

3. maalis 20241 h 0 min
jakson डगमग डगमग डोले नैया ---- उमा kansikuva

डगमग डगमग डोले नैया ---- उमा

डगमग डगमग डोले नैया पार लगावो तो जानूँ खेवैया  चंचल चित्त को मोह ने घेरा,  पग-पग पर है पाप का डेरा, लाज रखो तो लाज रखैया पार लगावो तो जानूँ खेवैया  छाया चारों ओर अँधेरा,  तुम बिन कौन सहारा मेरा, हाथ पकड़ कर बंसी बजैया पार लगावो तो जानूँ खेवैया  भक्तों ने तुमको मनाया भजन से,  मैं तो रिझाऊँ तुम्हें आँसुवन से, गिरतों को आ के उठावो कन्हैया पार लगावो तो जानूँ खेवैया  Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here. [https://archive.org/download/Bhajans-Uma/%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%AE%E0%A4%97%20%E0%A4%A1%E0%A4%97%E0%A4%AE%E0%A4%97%20%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A5%87%20%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%20%E2%80%94-%20%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE.m4a]

4. kesä 20221 h 0 min
jakson ये विनती रघुवीर गोसाई — उमा kansikuva

ये विनती रघुवीर गोसाई — उमा

ये बिनती रघुबीर गुसांई, और आस बिस्वास भरोसो, हरो जीव जड़ताई, चहौं न कुमति सुगति संपति कछु, रिधि सिधि बिपुल बड़ाई, हेतू रहित अनुराग राम पद बढै अनुदिन अधिकाई, कुटील करम लै जाहिं मोहिं जहं जहं अपनी बरिआई, तहं तहं जनि छिन छोह छांडियो कमठ-अंड की नाईं, या जग में जहं लगि या तनु की प्रीति प्रतीति सगाई, ते सब तुलसी दास प्रभु ही सों होहिं सिमिटि इक ठाईं, Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here. [https://archive.org/download/Bhajans-Uma/%E0%A4%AF%E0%A5%87%20%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A5%80%20%E0%A4%B0%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%88%20%E2%80%94%20%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE.m4a]

3. kesä 20221 h 0 min
jakson चितचोरन छबि रघुबीर की — उमा kansikuva

चितचोरन छबि रघुबीर की — उमा

चितचोरन छबि रघुबीर की। बसी रहति निसि बासर हिय में बिहरनि सरजू तीर की । चितचोरन छबि रघुबीर की... उर मणि माल पीत पट राजत चलनि मस्त गज गीर की । चितचोरन छबि रघुबीर की... सिया अलि लखि अवध छैल छबि सुधि नहीं भूषण चीर की । चितचोरन छबि रघुबीर की... Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here. [https://archive.org/download/Bhajans-Uma/%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%A8%20%E0%A4%9B%E0%A4%AC%E0%A4%BF%20%E0%A4%B0%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E2%80%94%20%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE.m4a]

3. kesä 20221 h 0 min
jakson ऐसो को उदार जग माहीं - उमा kansikuva

ऐसो को उदार जग माहीं - उमा

ऐसो को उदार जग माहीं । बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर, राम सरस कोउ नाहीं ॥ जो गति जोग बिराग जतन करि, नहिं पावत मुनि ज्ञानी । सो गति देत गीध सबरी कहँ, प्रभु न बहुत जिय जानी ॥ जो संपति दस सीस अरप करि, रावण सिव पहँ लीन्हीं । सो संपदा विभीषण कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं ॥ तुलसीदास सब भांति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो । तो भजु राम, काम सब पूरन करहि कृपानिधि तेरो ॥ Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here. [https://archive.org/download/Bhajans-Uma/%E0%A4%90%E0%A4%B8%E0%A5%8B%20%E0%A4%95%E0%A5%8B%20%E0%A4%89%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%9C%E0%A4%97%20%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%80%20%E2%80%94%20%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A4%BE.m4a]

2. kesä 20221 h 0 min