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Sanskrit diwas। Importance of Sanskrit ।

8 min · 21. elo 2021
jakson Sanskrit diwas। Importance of Sanskrit । kansikuva

Kuvaus

भारत में प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा बन्धन ऋषियों के स्मरण तथा पूजा और समर्पण का पर्व माना जाता है। वैदिक साहित्य में इसे श्रावणी कहा जाता था। इसी दिन गुरुकुलों में वेदाध्ययन कराने से पहले यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। इस संस्कार को उपनयन अथवा उपाकर्म संस्कार कहते हैं। इस दिन पुराना यज्ञोपवीत भी बदला जाता है। ब्राह्मण यजमानों पर रक्षासूत्र भी बांधते हैं। ऋषि ही संस्कृत साहित्य के आदि स्रोत हैं, इसलिए श्रावणी पूर्णिमा को ऋषि पर्व और संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। राज्य तथा जिला स्तरों पर संस्कृत दिवस आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर संस्कृत कवि सम्मेलन, लेखक गोष्ठी, छात्रों की भाषण तथा श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाता है, जिसके माध्यम से संस्कृत के विद्यार्थियों, कवियों तथा लेखकों को उचित मंच प्राप्त होता है। सन् 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केन्द्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश जारी किया गया था।

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jakson अतिथि देवो भव: । Guests are like God kansikuva

अतिथि देवो भव: । Guests are like God

अतिथि कौन? वेदों में कहा गया है कि अतिथि देवो भव: अर्थात अतिथि देवतास्वरूप होता है। अतिथि के लक्षणों का वर्णन करते हुए महर्षि शातातप (लघुशाता 55) कहते हैं कि जो सज्जन बिना किसी प्रयोजन, बिना बुलाए, किसी भी समय और किसी भी स्थान से घर में उपस्थित हो जाए, उसे अतिथिरूपी देव ही समझना चाहिए। सूतजी के कथनानुसार अतिथि की सेवा-सत्कार से बढ़कर कोई अन्य महान कार्य नहीं है। महाभारत के वनपर्व में अतिथि सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि जो व्यक्ति अतिथि को चरण धोने के जल, पैरों की मालिश के लिए तेल, प्रकाश के लिए दीपक, भोजन के लिए अन्न और रहने के लिए स्थान देते हैं, वे कभी यमद्वार नहीं देखते।

21. elo 202110 min
jakson Sanskrit diwas। Importance of Sanskrit । kansikuva

Sanskrit diwas। Importance of Sanskrit ।

भारत में प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा बन्धन ऋषियों के स्मरण तथा पूजा और समर्पण का पर्व माना जाता है। वैदिक साहित्य में इसे श्रावणी कहा जाता था। इसी दिन गुरुकुलों में वेदाध्ययन कराने से पहले यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है। इस संस्कार को उपनयन अथवा उपाकर्म संस्कार कहते हैं। इस दिन पुराना यज्ञोपवीत भी बदला जाता है। ब्राह्मण यजमानों पर रक्षासूत्र भी बांधते हैं। ऋषि ही संस्कृत साहित्य के आदि स्रोत हैं, इसलिए श्रावणी पूर्णिमा को ऋषि पर्व और संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। राज्य तथा जिला स्तरों पर संस्कृत दिवस आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर संस्कृत कवि सम्मेलन, लेखक गोष्ठी, छात्रों की भाषण तथा श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाता है, जिसके माध्यम से संस्कृत के विद्यार्थियों, कवियों तथा लेखकों को उचित मंच प्राप्त होता है। सन् 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केन्द्रीय तथा राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश जारी किया गया था।

21. elo 20218 min
jakson Parenting/बच्चे और उनकी मुस्कान kansikuva

Parenting/बच्चे और उनकी मुस्कान

आपकी एक साधारण सी मुस्कान आपके बच्चे के साथ आपके रिश्ते के लिए गहरा कर देती है। क्योंकि आपके चेहरे में ही वह आश्वासन, आराम और खुशी की तलाश करता है। वैसे ही बच्चे को खुश देख कर माता पिता के अंदर जो खुशी की लहर होती है, वह केवल माता पिता ही जान सकते है। #parenting #motherhood #momlife #kids #family #parenthood #baby #love #parentingtips #parents #children #mom #education #dadlife #mumlife #parentingislami #toddler #momsofinstagram #tipsparenting #fatherhood #mpasi #covid #newborn #babies #babygirl #babyboy #familytime

20. heinä 202111 min
jakson Parenting/पालन पोषण kansikuva

Parenting/पालन पोषण

माता पिता बनना आसान नहीं होता । बच्चों का अच्छा पालन-पोषण एक बहुत बड़ी responsibility है। अच्छे पालन-पोषण में बच्चों को उनकी उम्र और उनकी जरूरत के अनुसार कितना अनुशासन, कितनी छूट देनी है, उन्हें कहां सही दिशा दिखानी है, इस पर निर्भर करता है। प्रोजेक्ट गुरुकुल की नई श्रृंखला Parenting में आपका स्वागत है। #Parenting #projectgurukul #indianculture #india #indian #hinduism #hindu #culture #love #indianwedding #incredibleindia #instagram #photography #blessings #art #fashion #family #indiantradition #respect #indianhistory #unity #delhi #parents #indianfood #indianwear #blessings #wedding #teacher #tradition #Guru

16. heinä 20212 min
jakson Chanting Om & it's benefits kansikuva

Chanting Om & it's benefits

Om is not just a sound, it’s a wave of the universe. Om is a powerful sound that lies within us. Chanting Om or Aum is a sacred practice that helps our mind and body to energize. Sound of Om is called the first sound of the universe. You can chant Om silent or aloud. There are many benefits of chanting Om. * Studies suggest that chanting Om on a regular basis relaxes the muscle of your stomach. *Chanting Om calms your mind and helps you bring in positive energy into your body. You can control your anger by chanting Om on a regular basis. * Reduce stress and anxiety Stress lies in your mind and chanting Om can release stress from your mind. * Chanting Om can also help you to improve your immunity system and self-healing power. * Chanting Om can give you relief from sinus problems. * Chanting on also has cardiovascular benefits. It reduces stress and relaxes your body that brings down the blood pressure on the normal level and the heart beats with a regular rhythm. #om #aum #Indian #culture #india #values #motivation #happiness #stress #relaxe #Life

9. heinä 202112 min