Pradip Daki Podcast (Ankahi Si Baatein)
Podcast | सुना है कल कान्हा गोकुल छोड़ के मथुरा जा रहा है ! | Suna hai kal kanha gokul chhodkar mathura ja raha hai | Daki Pradip | The PD Show | Lord Krishna | Kanha | Maa Yashoda #podcast #ankahisibaatein #it'sPDshow "THE SHOW MUST GO ON" The podcast is the best way to provide information and connect with the audience & people. We are providing Podcast, Poetry, and Current Affairs content. Our Emotion Is Our Strength. Wish for good luck. Speaker, Writer Daki Pradip (It's PD Show) Follow Us:- Facebook:- https://www.facebook.com/Ankahi-si-baatein-100476119041150/ Instagram:- https://instagram.com/ankahisibaatein27?utm_medium=copy_link ये बात उस रात पूरे गोकुल में फैल गई, चारो ओर सन्नाटा छाया हुआ है, - ये अंधेरा इतना भयानक है, मानो गोकुल की हसती खेलती खुशियों को निगल रहा हो, - ये उदासी व्यथित मन को ओर भी व्यथित किए जा रही है, - किसी भी घर में आज दीपक नहीं जल रहा, गोकुल की हवाएं आज सुखी पड़ी है, - चारो ओर बस विरह का दुख ही दुख छलकता दिखाई दे रहा है, - प्राण हीन देह के जैसे सभी लोग पुतला बनके बैठे है, - ये शोक का वातावरण मानो आज गोकुल में घर कर गया हो, - आसुओं की एसी भयानक बाड पहले कभी नहीं आई, - मानो की ये आज सारा सुख चैन अपने साथ बहा ले जाएगी, - ये दर्द, ये दुख इतना प्रबल है कि आत्मा को अंदर तक जंजोड रहा है, - आज गाउ की गाए धान चरने भी नहीं गई, - किसी घर में एक अन्न का निवाला भी नहीं बना, - इतनी पीड़ा है यहां जो मन, मस्तिष्क और सोच के बाहर है, - आज गोकुल और मरघट दोनों में कोई फर्क नहीं दिखाई दे रहा। सारी गोप, ग्वालिनों में ये बात फैल गई, - सब एक दूसरे के घर जा रही है, - एक दूसरे को ये बात बता रही है, - मन में इतनी पीड़ा है, जो मूह से व्यक्त नहीं कर सकती, - वो सारी आपस में मिलके बाते कर रही है, - आंखो से निरंतर अश्रु को धारा बही जा रही है ) क्या...क्या तुमने सुना ? ये बात सच है, की कान्हा हम सभी को छोड़ के मथुरा जा रहा है ! ( सभिका ह्रदय इस बात से बैठा जा रहा है। ) गाऊ में सभी लोग यही बाते कर रहे है, पर..पर मेरा मन नहीं मानता, कान्हा थोड़ी ना एसा करेगा ? वो हम सब को छोड़ कर कहीं नहीं जाएगा । जाना चाहे तो भी हम सब उसे नहीं जाने देगी, हम सब मिलके उसे रोकेगी, ओर...ओर मा यशोदा से भी बोलेगी.. कान्हा को जाने मत देना, हम सब कैसे जिएगी उसके बगैर ? ( दिल का दर्द आंखो से निकलता साफ दिखाई दे रहा है।) वो ही हमारा प्राण है, हमारी चेतना है, हमारी आत्मा है, अगर वो ही चला गया तो हम सब जीवित रहके क्या करेगी ? हमारा जीवन तो व्यर्थ हो जाएगा । हा...हा तुम सही कह रही हो, उसको किसने हक दिया कि वो हमारा दिल तोड़के हमसे दूर जाए ? पूछेगी हम सब उससे करना था अगर एसा ही , तो हमसे ये प्रेम का रिश्ता क्यू जोड़ा ? क्यू हमे अपने प्रेम के मोहजाल में फसाया ? जो हमे अकेला ही छोड़ना था । --- Send in a voice message: https://anchor.fm/daki-pradip/message
6 episodes
Comments
0Be the first to comment
Sign up now and become a member of the Pradip Daki Podcast (Ankahi Si Baatein) community!