Santosh Prabhakar
श्री लालवचन पासवान द्वारा रचित कविता का वाचन, एक कोशिश उनके नज़र से सावन के मौसम का मिजाज को गुनगुनाने का।❤️
Be the first to comment
Sign up now and become a member of the Santosh Prabhakar community!
99 kr. / month after trial. · Cancel anytime.
11 episodes
मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला 3️⃣
अगर आप मेरे साथ मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय नाट्य मेला 3️⃣ में होते तो महसूस करते ---- महारथी कर्ण के अंतर्द्वंदों को... स्त्रियों के मौन प्रतिरोध को..... एक रंगकर्मी की विवशता और अकेलेपन को...
दृढ़संकल्प
दृढ़संकल्प में बड़ी अद्भुत शक्ति होती है, जो जीवन की काया पलट सकती हैं, उन्नति के लगभग सभी द्वार खोल सकते हैं।
सावन में जो बादल छा गया
प्रकृति की गोद ❤️
प्रकृति की रक्षा करने वाली गौरा देवी की कोशिश पर प्रकाशित आलेख का दैनिक हिन्दुस्तान से वाचन।
ईश्वर और कर्मा
ईश्वर उनकी ही मदद करता है जो स्वयं अपनी मदद करते हैं।
Comments
0Be the first to comment
Sign up now and become a member of the Santosh Prabhakar community!