Gurudev Ojaswi Sharma Ji

Spiritual Path : Emotions and Intellect

7 min · 26 de jun de 2026
Portada del episodio Spiritual Path : Emotions and Intellect

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Spiritual Path : Emotions and Intellect

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Portada del episodio ।। दैनिक साधना का महत्व ।।

।। दैनिक साधना का महत्व ।।

* जो व्यक्ति दूसरे का जितना ध्यान जीवन में रख कर चलता है, वो उतना ही भगवान के निकट होता है * धर्म के दस लक्षण मनु स्मृति में * पहला लक्षण - धैर्य * दूसरा - क्षमा * तीसरा - दम * चौथा - आस्ते ( चोरी न करना ) * पांचवा - शौंच * छठा - इंद्रियों को वश में रखना * सातवां - सात्विक बुद्धि * आठवां - सात्विक ज्ञान * नौवा - सत्य वचन * दसवां - क्रोध न करना * सच्चा साधक २४ घंटे का _ हर समय अपने ऊपर निगाह * वही काम करते हुए नीयत बदलनी है * सांसारिक जीवन और आध्यात्मिक जीवन में कोई भेद नहीं * ऐसा नहीं है कि साधक को जीवन में ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है * अनंत जन्मों का मैल निकलता है * इस संसार में पतन होने की चेष्टा करने की आवश्यकता नहीं है। पतन तो होगा , यदि उत्थान की चेष्टा नहीं करी तो * इस लिए रोज ध्यान रोज भजन, जो साधना है रोज करे जाओ * तुम फंस गये, अब भाग नहीं सकते * आत्मा क्या है? इसको समझने की कोशिश मत करो, तुम्हें समझ में आयेगा नहीं। बस मान लो * अनंत आत्मा के महा-सागर में लहरें उठ रही है। लहर का अलग होने का भ्रम मुश्य शरीर में आकर ही खत्म होता है

26 de jun de 202635 min
Portada del episodio ।। सब के गुरु परमात्मा।|

।। सब के गुरु परमात्मा।|

* सिद्धियों में मत फंस जाना, केवल परमात्मा * इस देश की और संस्कृति की कोई सीमा नहीं है, हर क्षेत्र में हमारे पूर्वजों ने अनेक प्रयोग किये * जिस मार्ग पर चल पड़े फिर उसको पूरा आखिर तक चलो * निषेधात्मक मार्ग से अनुभव होता है, पर इस झंझट में मत पड़ो . 10 minute meditation . * सभी इच्छाओं का अंत दुख में होता है * यदि कोई इच्छा उत्पन्न हो जाए तो उसे दृष्टा भाव से देखो * तुम हो, मैं हु और तुम्हारे चरणों में हु * तुम पक्का रखो के ये आखरी जनम है

22 de jun de 202633 min
Portada del episodio ।। यहां कुछ गलत नहीं है ।।

।। यहां कुछ गलत नहीं है ।।

* जीवात्मा के विकास में अनेक stages है * धीरे धीरे ये प्रकट होगा कि यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है * यहां केवल भगवान ही है इस पर आना है * न्यूज में तो अधिकतर नेगेटिव बाते होती हैं * हर किसी के साथ जो हो रहा है - वह सब प्रारब्ध से है * कैसा भी प्रारब्ध आ जाए, आत्मज्ञान के घटने की संभावना हर समय है * हर समय सब प्रकार के लोग होते है * अपने हिस्से में जो कर्तव्य आया है इसको करते रहो, प्रभु का संसार है, बाकी सब वो देख लेंगे * बाधाओं को भी साधन बना लो - तब विकास होता है * प्रार्थना करते रहो - प्रभु इस बार तो पूर्ण कृपा कर दो * सब काम बन जाएगा - जब जन्म ही इस बात के लिए मिला है

20 de jun de 202619 min