Gurudev Ojaswi Sharma Ji
* बईमानी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए * प्रारब्ध तो तय है, परंतु, तुम्हारी नियत, तुम्हारा प्रयत्न, तुम्हारा भाव और प्रारब्ध यह आपस में टकराते हैं
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।। आधुनिक भौतिक उन्नति से दुर्गति ।।
।। जो जन्मा है-उसे मरना भी पड़ेगा ।।
* मृत्यु के समय बड़ा भारी पश्चाताप होता है * यह मानव शरीर केवल आत्मज्ञान के लिए मिला है * इस बात के लिए ही पूरे जीवन प्रयत्न * घर छोड़ कर आश्रम मत चले जाना * अपने कर्तव्य को करते हुए यह लक्ष्य प्राप्त हो जाता है * वासनाएं रुकावट डालती है, भगवत गीता से जुड़े रहने से ये हार जाएंगी * अपने दोष और दूसरो के गुण देखो * गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के नाम पर कामवासना की पूर्ति गलत * जागो और कुछ शरम करो * इंसान बनना सब से मुश्किल काम है
।। स्वास्थ्य लाभ संबंधी बात ।।
* हमारा सत्संग All inclusive है * कोल्ड ड्रिंक्स हमारे देश में हानिकारक चीजों से बेची जा रही है * व्हाइट शुगर सफेद जहर है * भारतीय देसी गाय का दूध ही उत्तम * शरीर तो स्वस्त रहे भगवत प्राप्ति के लिए * कैंसर बढ़ता जा रहा है देश में * ऐसी बातों को बताना चाहिए आत्मकल्याण के लिए
।। सब भगवान की मर्जी से होता है ।।
।। भगवान के बारे में, स्वामी रामसुखदास जी ।।
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