Misra
"हर इंसान आपकी ज़िन्दगी से एक वक़्त के बाद चला जाता है, फिर चाहे वो मर के हो, ... या डर के, या फिर जी भर के..."
Sei die erste Person, die kommentiert
Melde dich jetzt an und werde Teil der Misra-Community!
4,99 € / Monat nach der Testphase. · Jederzeit kündbar
9 Folgen
Episode 8 - उम्र कितनी बची है
आदमी और वक़्त की फ़ितरत यही है, एक समय के बाद दोनों गुज़र जाते हैं, और अगर मालूम है ये बात हम सभी को तो, कैसे कह दें? वक़्त है, और तेरी ज़रुरत नहीं है।
Episode 7 - एक लम्हां लगता है
प्यार ही ऐसा ज़ख़्म है, .. आदमी अकेला ख़ुद होता है, और एक ज़माना तन्हां लगता है।
Episode 6 - एक उतारी गयी कमीज़
Episode 5 - कभी-कभी सोचता हूँ
कभी-कभी सोचता हूँ, कि उन दो बाहों के सिवा, जिनमे एक ख़्वाब, एक उम्मीद, थोड़ा सा जिस्म, थोड़ी सी नींद, एक भरोसा, और एक दिल समा जाए उससे ज़्यादा क़ीमती और नायाब क्या हो सकता है।
Episode 4 - कौन तय करेगा
ये एक ऐसे विरह का क़िस्सा है, जिसके एक हाथ पर प्यार लिखा था, और दुसरे पर समय। प्यार समय-समय पर बस समय मांगता रह गया, और यूँहीं समय गुज़र गया...
Kommentare
0Sei die erste Person, die kommentiert
Melde dich jetzt an und werde Teil der Misra-Community!